समाज के हर क्षेत्र के सुधार और विकास के लिए अनेक संस्थाएं व लोग कार्यरत हैं, परन्तु शक्ति विघटित है| इसको संगठित करके प्रत्येक क्षेत्र के लिए सभी शक्तियों द्वारा एकीकृत प्रयास से ही वास्तविक परिवर्तन आ सकता है|
जिस शक्ति संपन्न भारत-वर्ष का स्वप्न हमारे पूर्वजों ने (अर्थात् हमने) देखा था, आइए, एस जन्म में उसे साकार करें|
माँ भारति हमें आशीर्वाद दें...
जिस शक्ति संपन्न भारत-वर्ष का स्वप्न हमारे पूर्वजों ने (अर्थात् हमने) देखा था, आइए, एस जन्म में उसे साकार करें|
माँ भारति हमें आशीर्वाद दें...
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