प्रस्तुत क्रांतिकारी-दर्शन भारत के पुनर्जागरण का एक प्रभावशाली यन्त्र और समाज के उचित व सम्पूर्ण विकास का एक सशक्त तन्त्र सिद्ध होने जा रहा है| यह उन देश-वासियों का नेतृत्व करता है, जो भारत के दिव्य जीवन दर्शन को स्वीकार करते हैं, जो भारत वर्ष को अपनी मातृभूमि, पितृभूमि (पूर्वजों की भूमि), पुण्यभूमि (विश्व में सर्वाधिक पवित्र भूमि), कर्मभूमि (परिश्रम द्वारा वैभव-पूर्ण बनाई जाने वाली भूमि) और धर्मभूमि (जीवन के कर्तव्यों का निर्देश देने वाली भूमि) स्वीकार करते हैं|
"संक्रान्ति" दृष्टिकोण के अनुसार क्या-क्या किया जाए:
1. लार्ड मैकॉले द्वारा स्थापित शिक्षा-व्यवस्था में पूर्ण परिवर्तन का प्रयास|
2. सभी राष्ट्रवादी शक्तियों का एकीकरण
3. सच्चरित्र व संस्कार की अभिवृद्धि|
4. राष्ट्रोत्थान में बाधक तत्वों का उन्मूलन
5. देश के युवा को देश के लिये जीना सिखाना|
6. राजनैतिक व्यवस्था का पूर्ण शोधन|
7. पर्यावरण संरक्षण
8. वैदिक व्यवस्था के पुनर्थापन का प्रयास|
9. उस ज्ञान की खोज पुनर्स्थापना जिसके कारण भारत राष्ट्र को विश्व-गुरू कहा जाता था|
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